Monday, April 3, 2023

Iditot & intelligent (मूर्ख एवं बुद्धिमान)

लोग अक्सर पूछते हैं कि मैं अपने परिचय में खुद को इडियट क्यों लिखता हूं? 
तो साथियों यह कोई आज का मामला नहीं है... तकरीबन तीन दशक से खुद को इडियट ही लिखता रहा हूं... सुपर इडियट. अंतर अब यह आ गया है कि इडियट के साथ फिलॉसफर शब्द जुड़ गया है. अपनी चंद कहानियों में, जहां मैं खुद को किसी कैरेक्टर में पाता था, इडियट कहलवा देता था.

इडियट वाली इस बात पर एक सुधी मित्र ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की है:
"धारा के विपरीत सोचना, कहना काफी हिम्मत और साहस का काम है. अक्सर नए विचारों को इडियोटिक की श्रेणी में डालकर इसका उपहास उड़ाया जाता रहा है और लोगों को इडियट कह दिया जाता रहा है. कोई भी दौर इडियट्स का रहा नहीं. लोगों से इडियट्स को समझने में हमेशा देर हुई है और समय के साथ इडियट ही बुद्धिमान साबित हुए और बाकी लोग इडियट साबित हुए. इडियट बनना, होना, जीना बेहद दुश्कर तो है ही साथ ही रोचक भी है."
दिलचस्प तो ये है कि यूनान, जहां इडियट शब्द की उत्पत्ति हुई, वहां आज भी इडियट का नकारात्मक अर्थ नहीं है. इडियट सिर्फ अंग्रेजी भाषा में नकारात्मक शब्द है. प्राचीन यूनान में हर राजनेता का सार्वजनिक मामलों में अपना कोई न कोई मत और विचार होता था. जिन लोगों का अपना कोई मत नहीं होता था या जो अपना मत व्यक्त नहीं करते थे, वह चुपचाप रहते थे. तब ऐसे लोगों को इडियट कहा जाता था.
वैसे वो सुधी मित्र मैं ही हूँ.....😊

Idiot या intelligent जैसे सामान्यीकरण(generalization) और वर्गीकरण सदियों से किये जाते रहे हैं और किये जा रहे हैं, किन्तु हर सामान्यीकरण को specific ढंग और दृष्टिकोणों से देखा जाना भी ज़रूरी है।
“All generalizations are dangerous, even this one.”  ― Alexandre Dumas-fils

"सभी चीजों का सामान्यीकरण करना खतरनाक है, यहाँ तक कि यह भी।" --- एलेक्जेंडर डुमास-फिल्स
[ अलेक्जेंड्रे डुमास फिल्स alɛksɑ̃dʁ dymɑ fis (1824 -1895) एक फ्रांसीसी लेखक और नाटककार थे, जिन्हें 1848 में प्रकाशित रोमांटिक उपन्यास ला डेम ऑक्स कैमेलियास (द लेडी ऑफ द कैमेलियास) के लिए जाना जाता है, इस उपन्यास को उसके  नाटक प्रस्तुति कैमिली के नाम से अधिक जाना जाता था।
इनके पिता एक प्रसिद्ध नाटककार द थ्री मस्किटियर जैसे क्लासिक कार्यों के लेखक भी थे।  इनका जन्म उनकी माँ मैरी-लॉर-कैथरीन लैबे एक ड्रेसमेकर महिला और एक कुलीन उपन्यासकार एलेक्जेंडर डुमास (पिता) की नाजायज संतान के रूप में हुआ था। अपने लगभग सभी लेखों में इन्होंने साहित्य के नैतिक उद्देश्य पर बेहद बल दिया था; ये अपने जीवनकाल में न केवल अपने पिता से अधिक प्रसिद्ध थे, बल्कि 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में गंभीर फ्रांसीसी मंच पर भी हावी रहे।
उनके बेटे थॉमस-एलेक्जेंडर डुमास क्रांतिकारी फ्रांस के एक उच्च पदस्थ जनरल बने। ]

'General solution & specific Solution' ये शब्द higher mathematics पढ़े हुए छात्रों को शायद याद होगा कि limit वाले integration और funtuction में ये टर्म आता है और बहुत से प्रश्नों के अंत में ये आता है। Maths में इसका मतलब ही यही होता है कि उस खास equation को general एवं extremely specific aspect में देखा जाता है कि इस particular equation की परिणति क्या होगी।
यही सिद्धांत MicroProcessor chips के VLSI designing एवं high technologies जैसे कि AI & ChatGPT आदि के आधार में से एक है। 

गौर करेंगे तो अपने आस पास समाज में इस generalization & specification के प्रभावों और परिणामों को भी महसूस किया जा सकता है।
मुद्दे की बात ये है कि - किसी को idiot या intelligent का तमगा देना या ऐसा सामान्यीकरण एवं वर्गीकरण खतरनाक हो सकता है। भिन्न भिन्न दृष्टिकोण से एक ही चीज भिन्न भिन्न दिखाई देती है। 




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